धन की उपलब्धता

निधियों की उपलब्‍धता और बजटीय आबंटन

 

  1. वित्‍तीय सहायता

नियमानुसार, परिषद्, विकल्‍प (क) और (ख) के अंतर्गत दिए गए अलग-अलग विवरण के अनुसार वित्‍तीय सहायता प्रदान करती है, इसलिए सीएमई कार्यक्रम की मेजबानी करने वाला संस्‍थान, निम्‍नलिखित में से केवल एक विकल्‍प चुन सकता है, जो लागू होता है:

विकल्‍प (क) अनिवासी संकाय सदस्‍यों की सहभागिता से किए जाने वाले सीएमई कार्यक्रम के लिए:

परिषद्, विदेशी संकाय सदस्‍य, यदि कोई हो, सहित दौरा करने वाले अनिवासी संकाय सदस्‍य का ठहरने, भोजन और आंतरिक यात्रा व्‍यय पूरा करने और कार्यक्रम की कार्यवाहियों के प्रकाशन के लिए यूएसए/यूके/कनाडा के अनिवासी संकाय सदस्‍य की सहभागिता से सीएमई कार्यक्रमों की मेजबानी करने वाले संस्‍थानों को अधिकतम 1.00 लाख रुपए तक की वित्‍तीय सहायता प्रदान कर सकती है। तथापि, यदि कोई संस्‍थान, केवल कार्यक्रम की कार्यवाही प्रकाशित करने के लिए वित्‍तीय सहायता का अनुरोध करता है तो परिषद् केवल अधिकतम 40,000/- रुपए तक प्रदान कर सकती है। उक्‍त वित्‍तीय सहायता का लाभ उठाने के लिए यूएसए/यूके/कनाडा के अनिवासी संकाय सदस्‍यों की सहभागिता अनिवार्य है।

या

विकल्‍प (ख) अनिवासी संकाय सदस्‍यों की सहभागिता के बिना आयोजित किए जाने वाले सीएमई कार्यक्रम के लिए:

(i) दौरा करने वाले भारतीय संकाय सदस्‍यों के ठहरने, भोजन और आंतरिक यात्रा के प्रति रू 25,000.00
(ii) कार्यक्रम की कार्यवाही के प्रकाशन के प्रति रू 15,000.00
(iii) कार्यक्रम स्‍थान हाल और दृश्‍य-श्रव्‍य उपकरण किराए पर लेने के लिए रू 10,000.00

 

  1. गैर-प्रतिपूर्तियोग्‍य मदें
  2. पेय पदार्थों, एसटीडी और आईएसडी कॉलों आदि के लिए विदेशी/भारतीय संकाय सदस्‍यों द्वारा किए गए खर्चे।
  3. अनिवासी/विदेशी/भारतीय संकाय सदस्‍यों के दर्शनीय स्‍थान देखने के लिए मेजबान संस्‍थान द्वारा किए गए खर्चे
  4. सचिवालयीय व्‍यय
  5. ऊपर उल्लिखित, लागू होने वाली प्रतिपूर्तियोग्‍य मदों के अलावा, अन्‍य सभी मदें।